Amrapali Silicon City : नोएडा के सेक्टर-76 के आम्रपाली सिलिकॉन सिटी सोसाइटी के एक फ्लैट से जब रविवार शाम को अचानक तीव्र गंध फैलने लगी, तो पड़ोसियों का संदेह बढ़ गया। पड़ोसियों ने तत्क्षण सोसाइटी के गार्ड और स्थानीय पुलिस को सूचितकिया। मौके पर पहुंची पुलिस ने जब फ्लैट का दरवाजा खोला तो अंदर का दृश्य चौंकाने वाला था। फ्लैट की बिजली बंद थी और वहां अकेले रहने वाले 68 वर्षीय बुजुर्ग राजीव अरोड़ा सोफे पर मृत अवस्था में पाए गए। शव लगभग तीन दिन पुराना होने के चलते पूरी तरह सड़ चुका था और वहां से तीव्र दुर्गंध फैली हुई थी। फॉरेंसिक टीम ने जुटाए सबूत घटना की गंभीरता के मद्देनजर पुलिस ने तुरंत फॉरेंसिक टीम को साइट पर भेजा। फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने फ्लैट के भीतर से सबूत इकट्ठा किए हैं। प्रारंभिक जांच और शव की स्थिति को देखकर यह संदेह किया जा रहा है कि बुजुर्ग की मौत हार्ट अटैक या ब्रेन हेमरेज के कारण हुई होगी। पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए मृतक की अलग रह रही पत्नी को सूचित किया और सोमवार को शव का पोस्टमार्टम कर परिजनों को सौंप दिया। एसीपी राकेश प्रताप सिंह ने प्रेस को जानकारी दी: मौत के स्पष्ट कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद ही लगेगा। इस समय सोसाइटी और फ्लैट के आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच की जा रही है ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी की संभावना को समाप्त किया जा सके। शेयर बाजार का भारी घाटा और राजीव अरोड़ा मूल रूप से नोएडा के सेक्टर-50 की स्टेलर किंग सोसाइटी के निवासी थे, लेकिन पिछले छह महीनों से वह सिलिकॉन सिटी सोसाइटी में एक फ्लैट किराए पर लेकर अकेले रह रहे थे। पुलिस की पूछताछ में उनके व्यक्तिगत जीवन से जुड़े कई चौंकाने वाले और भावुक करने वाले खुलासे हुए हैं। राजीव अरोड़ा काफी समय से शेयर व्यापार में सक्रिय रहे हैं। हाल के दिनों में उन्हें शेयर बाजार में बहुत बड़ा वित्तीय नुकसान हुआ था। इस हानि के चलते वह गंभीर मानसिक तनाव और डिप्रेशन का सामना कर रहे थे। आर्थिक परेशानी इतनी बढ़ गई थी कि वह फ्लैट का किराया और बिजली का बिल चुकता नहीं कर पा रहे थे, जिससे उनका मकान मालिक के साथ हाल ही में विवाद भी हुआ और फ्लैट की बिजली काट दी गई थी। आलीशान परिवार, फिर भी अकेलेपन का दंश राजीव अरोड़ा का परिवार वित्तीय रूप से काफी समृद्ध है, लेकिन पारिवारिक संबंधों में आई दरारों ने उन्हें एकाकीपन के दलदल में धकेल दिया। पत्नी से तलाक: उन्हें अपनी पत्नी से कई वर्ष पहले तलाक मिल चुका था। उनकी पत्नी नोएडा के सेक्टर-128 में अलग रहती हैं। बच्चे विदेशों में बस गए हैं: उनके दो बच्चे हैं, एक बेटा और एक बेटी। दोनों की व्याह हो चुकी है और वह विदेशों में बस गए हैं। बेटा लंदन में इंजीनियर के रूप में कार्यरत है, जबकि बेटी बाली, इंडोनेशिया में निवास करती है। इतने बड़े और अमीर परिवार के होते हुए भी, जिंदगी के अंतिम चरण में राजीव पूरी तरह से अकेले थे। आर्थिक परेशानी और मानसिक दबाव के बीच जब उनका निधन हुआ, तब तीन दिन तक किसी को पता भी नहीं चला। सोसायटियों में बढ़ती 'अकेलेपन की महामारी यह घटना पहली बार नहीं हुई है। हाल ही में नोएडा के सेक्टर-39 थाना क्षेत्र की एक सोसाइटी में भी एक डॉक्टर अपने फ्लैट में इसी तरह निधन पाए गए थे। ऊंची इमारतों की बंद संस्कृतियों और "अपने पड़ोसी को जानो" की कमी के कारण बुजुर्गों की सामाजिक देखभाल एक गंभीर समस्या बन गई है। यह घटना स्पष्ट रूप से यह चेतावनी देती है कि विदेशों या अन्य शहरों में रहने वाले बच्चों को अपने अकेले रह रहे माता-पिता के साथ निरंतर संपर्क में रहना चाहिए, और सोसायटियों को भी अकेले रहने वाले वरिष्ठ नागरिकों का एक डेटाबेस बनाकर उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए। ये भी पढ़े : नोएडा DM ऑफिस को बम से उड़ाने की धमकी! ई-मेल मिलते ही मचा हड़कंप